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मातृ-मुत्यु दर को कम करने में आशाओं का अहम योगदान : डॉ0 धन सिंह रावत आशा सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री ने की आशा कार्यकत्रियों के कार्यों की प्रशंसा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में आशाओं के कार्य को सराहा कहा, राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ आशाओं को दिये जायेंगे अवार्ड देहरादून, 21 मार्च 2023 मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की ओर से जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकत्रियों, आशा फैसिलिटेटर्स, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को कैश अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकत्रियों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान को सराहा गया सम्मेलन का शुभारम्भ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने किया श्रेणी- आशा ममता बलोनी (आशा)- प्रथम पुरस्कार – रु. 5000 का कैश अवार्ड रीतू रस्तोगी (आशा)- द्वितीय पुरस्कार – रु. 3000 का कैश अवार्ड मीनू व्यास (आशा)- तृतीय पुरस्कार – रु. 1000 का कैश अवार्ड श्रेणी- आशा फैसिलिटेटर मिथलेश (आशा फैसिलिटेटर)- प्रथम पुरस्कार – रु. 5000 का कैश अवार्ड संगीता नवानी (आशा फैसिलिटेटर)- द्वितीय पुरस्कार – रु. 3000 का कैश अवार्ड शांति चौहान (आशा फैसिलिटेटर)- तृतीय पुरस्कार – रु. 1000 का कैश अवार्ड श्रेणी- ब्लॉक कोऑर्डिनेटर इंद्रा थापा, ब्लॉक कोऑडिनेटर- सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार- रु. 5000 का कैश अवार्ड इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि शीघ्र ही राज्य स्तरीय आशा संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी जनपदों से आशाओं को प्रतिभाग हेतु आमंत्रित किया जायेगा तथा आशाओं को राज्यस्तरीय पुरस्कार भी दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से आशा को निश्चित मानदेय दिये जाने हेतु अनुरोध किया गया है। उन्होंने राज्य में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव में बढ़ोत्तरी के लिए आशाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने आशाओं से अपील की कि गर्भवती मां एवं बच्चे की जान बचाने की जिम्मेदारी आशा के कंधे पर है। प्रसव से संबंधित गंभीर मामलों में आशा नियमित मॉनिटर करें तथा नजदीकी चिकित्सालय में गर्भवती माताओं को समय रहते जांच के लिए ले जायें। उन्होंने टीबी मुक्त भारत, रक्तदान, निशुल्क मोतिया बिंद के ऑपरेशन, जन्म मृत्यु पंजीकरण, जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आशाओं के योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि अब ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिसमें सी.एच.ओ., ए.एन.एम. व चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जायेंगी। सम्मेलन में स्वास्थ्य महानिदेशक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून द्वारा भी आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया तथा उनके योगदान की सराहना की गयी

मातृ-मुत्यु दर को कम करने में आशाओं का अहम योगदान : डॉ0 धन सिंह रावत

आशा सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री ने की आशा कार्यकत्रियों के कार्यों की प्रशंसा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में आशाओं के कार्य को सराहा कहा, राज्य स्तर पर सर्वश्रेष्ठ आशाओं को दिये जायेंगे अवार्ड

देहरादून, 21 मार्च 2023

 

मंगलवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की ओर से जनपद स्तरीय आशा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आशा कार्यकत्रियों, आशा फैसिलिटेटर्स, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को कैश अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आशा कार्यकत्रियों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान को सराहा गया सम्मेलन का शुभारम्भ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत ने किया

श्रेणी- आशा

ममता बलोनी (आशा)- प्रथम पुरस्कार – रु. 5000 का कैश अवार्ड

रीतू रस्तोगी (आशा)- द्वितीय पुरस्कार – रु. 3000 का कैश अवार्ड

मीनू व्यास (आशा)- तृतीय पुरस्कार – रु. 1000 का कैश अवार्ड

श्रेणी- आशा फैसिलिटेटर

मिथलेश (आशा फैसिलिटेटर)- प्रथम पुरस्कार – रु. 5000 का कैश अवार्ड

संगीता नवानी (आशा फैसिलिटेटर)- द्वितीय पुरस्कार – रु. 3000 का कैश अवार्ड

शांति चौहान (आशा फैसिलिटेटर)- तृतीय पुरस्कार – रु. 1000 का कैश अवार्ड

श्रेणी- ब्लॉक कोऑर्डिनेटर

इंद्रा थापा, ब्लॉक कोऑडिनेटर- सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार- रु. 5000 का कैश अवार्ड

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि शीघ्र ही राज्य स्तरीय आशा संवाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी जनपदों से आशाओं को प्रतिभाग हेतु आमंत्रित किया जायेगा तथा आशाओं को राज्यस्तरीय पुरस्कार भी दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से आशा को निश्चित मानदेय दिये जाने हेतु अनुरोध किया गया है।

उन्होंने राज्य में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव में बढ़ोत्तरी के लिए आशाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने आशाओं से अपील की कि गर्भवती मां एवं बच्चे की जान बचाने की जिम्मेदारी आशा के कंधे पर है। प्रसव से संबंधित गंभीर मामलों में आशा नियमित मॉनिटर करें तथा नजदीकी चिकित्सालय में गर्भवती माताओं को समय रहते जांच के लिए ले जायें।

उन्होंने टीबी मुक्त भारत, रक्तदान, निशुल्क मोतिया बिंद के ऑपरेशन, जन्म मृत्यु पंजीकरण, जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आशाओं के योगदान को सराहा।

उन्होंने कहा कि अब ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य चौपाल का आयोजन किया जायेगा। जिसमें सी.एच.ओ., ए.एन.एम. व चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जायेंगी।

सम्मेलन में स्वास्थ्य महानिदेशक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून द्वारा भी आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया तथा उनके योगदान की सराहना की गयी

धनंजय ढौडियाल (पहाड़ी)

संपादक, संपर्क - 7351010542

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